Wednesday, 21 December 2011

एक बार फिर भीषण हिंसा २०० से ज्यादा मरे


  •  सीरिया में हिंसा अपने चरम पर है। पिछले दो दिनों में सेना और सशस्त्र विद्रोहियों के बीच हिंसक झड़प में 200 लोग मारे गए।

  • कई मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि मरने वालों की संख्या इससे अधिक भी हो सकती है। 
  • अधिकारियों ने बताया कि इनमें अधिकतर आम नागरिक और सुरक्षा बल के सदस्य थे लेकिन दो हथियारबंद हमलावर भी थे.
  •  छतों पर बैठे अज्ञात बंदूकधारियों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं जिसमें कम से कम 200 लोग घायल भी हुए.

  • प्रशासन इस हिंसा के लिए हथियारबंद गिरोहों को ज़िम्मेदार बता रहा है जो देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं.

  • उन्होने सरकार विरोधी नारे लगाए और बाथ पार्टी के मुख्यालय और एक पुलिस स्टेशन को आग लगा दी.

  • वो ऐसे बैनर उठाए हुए थे जिनपर लिखा था, ‘आम जनता इस सरकार का पतन देखना चाहती है’.लेकिन कुल 70 बंदी छोड़े गए हैं.

Saturday, 26 November 2011

26/11 ki dard naak yade

mumbai ki yaade jo sirf yaade hi reh gai

कसाब पर जितना खर्च किया जा रहा हे ओतना तो  २६/११ के शहीदों  को नहीं मिला 
जब उसने शहीदों की जान ली कितने  लोगो  को मौत के घाट उतार दिया 
और हमारा प्रशासन  उसे बिरयानी खिला रहा हे 
कभी फासी  की सजा तो कभी बिरयानी का मजा सरकार दे रही हे 
में ये कहना चाहुंगा की कसाब जीसे  जेल में रखा गया हे उसे जनता के ह्बाले कर दिया जाये 
जीससे जनता उसे फ़ासी दे  दे  क्योकि  सरकार  ये नहीं कर सकती  जनता कर सकती हे 
और आतंक बाद से छुटकारा पाया जा सकता हे 
में नमन करता हु उन शहीदों को जिन्होंने देश के लिए जान दे दी 
जय हिंद जय भारत जय महारास्त्र्रा 

Wednesday, 23 November 2011

अन्ना हजारे व दिग विजय सिंह के रूप


अगर  दिग विजय सिंह ने अन्ना हजारे के ऊपर कुछ भी कहा  हे तो बो सब गलत कहा हे  लेकिन एक बात तो सत्य  हे की दिग विजय  सिंह की जुवान से निकली हुई बाते  एक खबर के रूप नजर आती हे व  बह खबर वन जाती हे  अब देखते हे की क्या होता हे  अन्ना का अगला कदम  देखते रहिये  खबरनामा 

Saturday, 5 November 2011

अंतिम सांस तक कैंसर से दो-दो हाथ

  न्यू मेक्सिको, अमेरिका की मिशेल बी उन महिलाओं में नहीं हैं, जो बीमारी से हार मान लें। बच्चेदानी के मुंह के कैंसर से पीड़ित मिशेल का प्रयास यही है कि अंतिम सांस तक वह महिलाओं को इस बीमारी से बचाव की जानकारी दें। शुक्रवार को मिशेल मेहताब बाग पहुंचीं। यहां से ताजमहल का दीदार किया। जबकि वहां मौजूद लोगों को कैंसर से बचाव के तरीके बताए। अनुमति न होने के कारण वह यमुना में वोट नहीं उतार सकीं। 
     मिशेल बी. हरिद्वार से वाराणसी तक पैडल वोट से यात्रा कर रही हैं। उनके साथ उनकी मां रूठ व डॉक्टरों की टीम भी है। मिशेल का प्रयास है कि वह हर महिला को जागरूक करें, जिससे महिलाएं बच्चेदानी के मुंह के कैंसर की चपेट में आने से बच सकें। क्योंकि हर साल इस बीमारी के चलते करीब 74 हजार महिलाओं को जान गंवानी पड़ रही है। शुक्रवार दोपहर मिशेल डॉक्टरों की टीम की निगरानी में मेहताब बाग पहुंचीं और वहां से ताज का दीदार किया। लोगों को कैंसर बीमारी से बचाव के तरीके बताए और फिर यमुना नदी में पैडल वोट चलाने का प्रयास किया। लेकिन अनुमति न होने के कारण उनकी यह इच्छा पूरी न हो सकी। 
    उधर, होटल मुगल में विंग कमांडर साहिल फौजदार ने साहसी महिला मिशेल से मुलाकात की, उनका हालचाल लिया। मिशेल ने अपनी प्लानिंग के बारे

Friday, 4 November 2011

दो समुदायों में झड़प, आधा दर्जन लोग जख्‍मी

मेरठ शहर से सटे अब्दुल्लापुर गांव में शिया और सुन्नी समुदाय के बीच हुई हिंसक झड़प में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये हैं.

Wednesday, 2 November 2011

मप्र में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक 'घोषणावीर': सांसद

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मध्य प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष तथा राज्यसभा सदस्य रघुनंदन शर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित सरकार के तमाम मंत्रियों को 'घोषणावीर' करार दिया.

Monday, 17 October 2011

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोकी अजमल कसाब की फांसी


 सर्वोच्च न्यालय ने मुम्बई हमले के दोषी पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल आमिर कसाब के मृत्युदंड पर सोमवार को रोक लगा दी। ज्ञात हो कि कसाब एकमात्र ऐसा हमलावर है, जिसे 26 नवम्बर 2008 को मुम्बई में हुए हमले के दौरान जिंदा गिरफ्तार किया गया था। उसे हाईकोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है जिसके खिलाफ उसने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आफताब आलम और न्यायमूर्ति सी.के. प्रसाद की पीठ ने कसाब की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई पूरी होने तक उसके मृत्युदंड पर रोक लगा दी है। कसाब ने निचली अदालत द्वारा खुद को दोषी ठहराए जाने और मृत्युदंड सुनाए जाने को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। न्यायमूर्ति आलम ने कहा कि हमें, उसे अपना बचाव करने के लिए न्यायिक व्यवस्था में उपलब्ध सभी अवसर देने हैं।